🕉️ हिंदू पंचांग
आज का पंचांग
बुधवार 💚 | 19 November 2025
विक्रम संवत् 2082 | शक संवत् 1947 | 📅 कार्तिक मास (Kartika · 22 Oct–20 Nov) | कृष्ण पक्ष 🌘
🌙 चंद्र मास (अमान्त)
कार्तिक
Kartika · 22 Oct
अवधि:
22 अक्टू 2025 – 20 नव 2025
⏩ 28 दिन बीते
⏳ 1 दिन शेष
☀️ सौर मास (सूर्य राशि)
वृश्चिक
वृश्चिक Rashi · Solar Month
सूर्य अंशांश:
2.7° / 30°
⏩ 3 दिन बीते
⏳ 28 दिन शेष
📆 आगामी हिंदू मास
1
मार्गशीर्ष
Margashirsha · ~20 Nov 2025
~1 दिन
2
पौष
Pausha · ~20 Dec 2025
~31 दिन
3
माघ
Magha · ~18 Jan 2026
~60 दिन
🌟 पंचांग के पाँच अंग
🌙
तिथि (सूर्योदय पर)
चतुर्दशी
कृष्ण पक्ष 🌘 • 14वीं
88% पूर्ण
⏱ समाप्ति: 6:26 PM
☀️
वार
बुधवार 💚
स्वामी: बुध
⭐
नक्षत्र
स्वाती
देवता: वायु
94% पूर्ण
✅
योग
सौभाग्य
शुभ योग
🌀
करण
कौलव
अर्ध तिथि
🧭 आज का दिशा-शूल
दिशा: उत्तर
परिहार (उपाय): धनिया या तिल खाकर निकलें
आज उत्तर दिशा में यात्रा करने से बचें। अत्यंत आवश्यक हो तो उपाय करके निकलें।
🍃 ऋतु एवं अयन
दृक् ऋतु:
हेमंत
वैदिक ऋतु:
शरद
सूर्य अयन:
दक्षिणायन ☀️
⏳ आज का चौघड़िया
शुभ कार्य प्रारंभ करने के लिए उपयुक्त समय चुनें।
☀️ दिन का चौघड़िया
- लाभ (शुभ) 6:26 AM – 7:50 AM
- अमृत (शुभ) 7:50 AM – 9:13 AM
- काल (अशुभ) 9:13 AM – 10:36 AM
- शुभ (उत्तम) 10:36 AM – 12:00 PM
- रोग (अशुभ) 12:00 PM – 1:23 PM
- उद्वेग (अशुभ) 1:23 PM – 2:46 PM
- चर (सामान्य) 2:46 PM – 4:09 PM
- लाभ (शुभ) 4:09 PM – 5:33 PM
🌙 रात का चौघड़िया
- उद्वेग (अशुभ) 5:33 PM – 7:09 PM
- चर (सामान्य) 7:09 PM – 8:46 PM
- लाभ (शुभ) 8:46 PM – 10:23 PM
- अमृत (शुभ) 10:23 PM – 12:00 AM
- काल (अशुभ) 12:00 AM – 1:36 AM
- शुभ (उत्तम) 1:36 AM – 3:13 AM
- रोग (अशुभ) 3:13 AM – 4:50 AM
- उद्वेग (अशुभ) 4:50 AM – 6:26 AM
🌞 सूर्य एवं चंद्र
सूर्योदय
6:26 AM
सूर्यास्त
5:33 PM
चंद्र अवस्था
घटता 🌘
सूर्य राशि
वृश्चिक
चंद्र राशि
तुला
चंद्र अंशांश (निरयण)
199.23°
⏰ मुहूर्त एवं काल
🚫राहुकाल
12:00 PM – 1:23 PM
इस समय महत्वपूर्ण कार्य न करें।
⚠️यमगण्ड काल
7:50 AM – 9:13 AM
यमगण्ड काल में यात्रा व नए कार्य का प्रारंभ वर्जित।
🌑गुलिक काल
10:36 AM – 12:00 PM
शनि पुत्र गुलिक का काल — शुभ कार्य न करें।
✨अभिजित मुहूर्त
बुधवार — अभिजित निषिद्ध है (ज्योतिष परंपरा)
दिन का सबसे शुभ मुहूर्त — सूर्य मध्याह्न।
�ब्रह्म मुहूर्त
4:43 AM – 5:35 AM
ध्यान, पूजा, अध्ययन के लिए सर्वश्रेष्ठ।
🙏संध्या काल
5:33 PM के आसपास
संध्या वंदन व दीप प्रज्वलन शुभ।
✨ आज का सुविचार
❝
प्रेम ही मुक्ति का आधार है।
जो प्रेम को जानता है, वह सब कुछ जानता है।
आज का दिन प्रेम की साधना को समर्पित करें।
— उपनिषद् — 19 November 2025 का संदेश
❝
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः। — जहाँ नारी की पूजा होती है, वहाँ देवता निवास करते हैं।
— मनुस्मृति ३.५६