🌐 भारत (डिफ़ॉल्ट)
🕉️ हिंदू पंचांग

आज का पंचांग

मंगलवार 🔴  |  14 April 2026

विक्रम संवत् 2083  |  शक संवत् 1948  |  माह: मेष / चैत्र  |  कृष्ण पक्ष 🌘

🌟 पंचांग के पाँच अंग

🌙
तिथि
द्वादशी
कृष्ण पक्ष 🌘 • 12वीं
44% पूर्ण
☀️
वार
मंगलवार 🔴
स्वामी: मंगल
नक्षत्र
शतभिषा
देवता: वरुण
80% पूर्ण
योग
शुक्ल
शुभ योग
🌀
करण
चतुष्पाद
अर्ध तिथि
⚠️
पंचक प्रारंभ: आज चंद्रमा पंचक नक्षत्रों में है। लकड़ी इकट्ठा करना, चारपाई बुनना या दक्षिण दिशा की यात्रा जैसे कार्य वर्जित माने जाते हैं।
🧭 आज का दिशा-शूल
दिशा: उत्तर
परिहार (उपाय): गुड़ खाकर निकलें

आज उत्तर दिशा में यात्रा करने से बचें। अत्यंत आवश्यक हो तो उपाय करके निकलें।

🍃 ऋतु एवं अयन
दृक् ऋतु: वसंत
वैदिक ऋतु: वसंत
सूर्य अयन: उत्तरायण ☀️

⏳ आज का चौघड़िया

शुभ कार्य प्रारंभ करने के लिए उपयुक्त समय चुनें।

☀️ दिन का चौघड़िया

  • रोग (अशुभ) 5:56 AM – 7:31 AM
  • उद्वेग (अशुभ) 7:31 AM – 9:05 AM
  • चर (सामान्य) 9:05 AM – 10:40 AM
  • लाभ (शुभ) 10:40 AM – 12:14 PM
  • अमृत (शुभ) 12:14 PM – 1:49 PM
  • काल (अशुभ) 1:49 PM – 3:23 PM
  • शुभ (उत्तम) 3:23 PM – 4:58 PM
  • रोग (अशुभ) 4:58 PM – 6:32 PM

🌙 रात का चौघड़िया

  • काल (अशुभ) 6:32 PM – 7:58 PM
  • शुभ (उत्तम) 7:58 PM – 9:23 PM
  • रोग (अशुभ) 9:23 PM – 10:49 PM
  • उद्वेग (अशुभ) 10:49 PM – 12:14 AM
  • चर (सामान्य) 12:14 AM – 1:40 AM
  • लाभ (शुभ) 1:40 AM – 3:05 AM
  • अमृत (शुभ) 3:05 AM – 4:31 AM
  • काल (अशुभ) 4:31 AM – 5:56 AM

🌞 सूर्य एवं चंद्र

🌅
सूर्योदय
5:56 AM
🌇
सूर्यास्त
6:32 PM
🌕
चंद्र अवस्था
घटता 🌘
सूर्य राशि
मेष
🌙
चंद्र राशि
कुम्भ
🔢
चंद्र अंशांश (निरयण)
317.4°

⏰ मुहूर्त एवं काल

🚫राहुकाल
3:23 PM – 4:58 PM

इस समय महत्वपूर्ण कार्य न करें।

⚠️यमगण्ड काल
9:05 AM – 10:40 AM

यमगण्ड काल में यात्रा व नए कार्य का प्रारंभ वर्जित।

🌑गुलिक काल
12:14 PM – 1:49 PM

शनि पुत्र गुलिक का काल — शुभ कार्य न करें।

अभिजित मुहूर्त
11:49 AM – 12:40 PM

दिन का सबसे शुभ मुहूर्त — सूर्य मध्याह्न।

ब्रह्म मुहूर्त
4:25 AM – 5:11 AM

ध्यान, पूजा, अध्ययन के लिए सर्वश्रेष्ठ।

🙏संध्या काल
6:32 PM के आसपास

संध्या वंदन व दीप प्रज्वलन शुभ।

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✨ आज का सुविचार

सेवा ही समृद्धि का पथ है।
जो सेवा को जानता है, वह सब कुछ जानता है।

आज का दिन सेवा की साधना को समर्पित करें।

— धर्मशास्त्र — 14 April 2026 का संदेश

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी। — माता और जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान हैं।

— वाल्मीकि रामायण